वेदांता- हिन्दी वाद-विवाद समिति!

वेदांता- हिन्दी वाद-विवाद समिति आत्माराम सनातन धर्म महाविद्यालय की बेहद सम्मानित समितियों में से एक है,, 50 बेहतरीन, तराशे हुए, हुनराबाज़, तार्किक युवाओं का यह परिवार प्रति सप्ताह तीन बैठकों में विभिन्न सामाजिक, राजनैतिक और वैश्विक मुद्दों पर वाद-विवाद और विमर्श का आयोजन करता है, जिसमें हर सदस्य अपने विचार, अपने तर्क पूरी साफगोई, निर्भयता और निष्पक्षता के सामंजस्य से एक मंच पर एकसाथ रखने का अवसर प्रदान किया जाता है।।

समिति का शुरूआती दौर में अपने गठन के समय से ही उद्देश्य रहा है कि वह एक बेहतरीन, निष्पक्ष, जिम्मेदार और तार्किक बुद्वि का युवा में विकास और पोषण करें, लोकतंत्र सहमति-असहमतियों की ही खूबसूरत सामंजस्य है, और इसी विचार के साथ, समिति अपने छात्रों को अपने विचारों को बेरोकटोक रखने का एक मंच प्रदान करती है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि समिति के भूतपूर्व डिबेटर्स आज़ विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की बड़ी प्रतियोगिताओं में निर्णायक के तौर पर आमंत्रित किया जाता है!!

इसी के साथ ही वेदांता दिल्ली विश्विद्यालय के संपूर्ण डिबेटिंग जगत में अपनी विभिन्न उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए सम्मान से जानी जाती है,, बीते सत्र में वेदांता ने पारंपरिक वाद-विवाद, आशुभाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन सरीखी अंत: एवं अंतर-महाविद्यालयी बहुत-सी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के बहुत से महाविद्यालयों समेत कई विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्साह से भाग लिया।।

वेदांता को अपने सहज और शानदार सदस्यों पर बेहद गर्व है,, समिति ने बीते सत्र में विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से 25 मर्तबा विजय-विरण किया,, फरीदाबाद से लेकर आगरा तक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हमारे सदस्यों ने अव्वल स्थान प्राप्त किए,, मौजूदा दौर में डिबेट्स के हर प्रचलित प्रारूप चाहे वह कन्वेंशनल हो, आशुभाषण हो, युवा संसद हो, टर्नकोट हो सभी में निरंतर हमारे विद्यार्थियों ने जीत हासिल की है!!

हम शुरूआत से ही एक लोकतांत्रिक संगठन में विश्वास रखते हैं, और वेदांता अपने प्रत्येक सदस्य में एकता समानता और सामंजस्य की भावना की पक्षधर है,, हम समिति के हर सेशन में नवीन विचारों का स्वागत किया जाता है, वेदांता अपने सिद्धातों के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है, हम सिर्फ एक तार्किक ही नहीं, जिम्मेवार नागरिक तैयार कर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए समर्पित है।।