Hindi Seminar
साहित्य पठन-पाठन और अध्ययन-अध्यापन की प्रक्रिया में यह बात महत्वपूर्ण हो जाती है कि लेखक उसमे कहाँ और किस हद तक मौजूद है। उसका आत्म तत्व किस तरह अभिव्यक्त हुआ है। यह बात साहित्य पठन, अध्ययन और विश्लेषण की दृष्टि से अनिवार्य हो जाती है। इससे अर्थ निर्मिति के व्यावहारिक और समसामयिक पक्ष उभर कर […]